पौड़ी गढ़वाल -: अस्पताल में गर्भवती महिला-शिशु की मौत:परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

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प्रसूता और नवजात की मौत के मामले में परिजनों ने निजी अस्पताल के डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप, कोतवाली में दी तहरीर

पौड़ी के निजी अस्पताल उत्तरा केयर में 28 जुलाई को प्रसूता और नवजात की मौत के मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया है। मृतका रेनू के पति रजनीश लिंगवाल ने कोतवाली पौड़ी में तहरीर देकर अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। रजनीश लिंगवाल का कहना है कि प्रसव के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही लगातार सामने आती रही, जिसके चलते उनकी पत्नी और नवजात की जान चली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑपरेशन थिएटर में सर्जरी के लिए आवश्यक उपकरण और पर्याप्त तैयारियां भी उपलब्ध नहीं थीं, जिससे उपचार में गंभीर लापरवाही का संदेह होता है। शिकायती पत्र में उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।वही इस पूरे मामले में डॉ. अनु भारती ने घटना पर अस्पताल का पक्ष रखते हुए कहा कि महिला और नवजात को बचाने के लिए चिकित्सकों की टीम ने हरसंभव प्रयास किए। उन्होंने बताया कि उपचार के दौरान सभी आवश्यक चिकित्सीय प्रक्रियाएं अपनाई गईं, लेकिन नवजात को बचाया नहीं जा सका। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे उच्च चिकित्सा केंद्र (हायर सेंटर) रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी भी मृत्यु हो गई। अस्पताल प्रशासन ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई।

उत्तरा केयर अस्पताल में गर्भवती महिला-शिशु की मौत:परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
पौड़ी गढ़वाल (पौड़ी)14 घंटे पहले

उत्तरा केयर अस्पताल में गर्भवती महिला-शिशु की मौत।
उत्तरा केयर अस्पताल में गर्भवती महिला-शिशु की मौत।
पौड़ी में संचालित निजी अस्पताल उत्तरा केयर विवादों में आ गया है। यहां एक गर्भवती महिला और उसके नवजात शिशु की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, पौड़ी निवासी रजनीश लिंगवाल अपनी गर्भवती पत्नी को मंगलवार को प्रसव के लिए उत्तरा केयर अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के दौरान नवजात शिशु की मौत हो गई। इसके बाद महिला की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी, जिस पर अस्पताल प्रशासन ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। हालांकि, रास्ते में ही महिला ने भी दम तोड़ दिया।

मृतका के पति रजनीश लिंगवाल का आरोप है कि अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में रक्त की व्यवस्था नहीं थी। इसके अलावा आवश्यक चिकित्सा उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ की भी कमी थी, जिसके कारण समय पर उचित उपचार नहीं मिल सका। रजनीश का यह भी आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने प्रसव पीड़ा शुरू होने से पहले ही उनकी पत्नी को अस्पताल में भर्ती करने का दबाव बनाया था।

परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अस्पताल की किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी घटना का सामना न करना पड़े।

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