परंपरा बनाम नियम: भंडारी गोलू मंदिर में पशुबलि की अनुमति को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन
बागेश्वर कांडा तहसील के भंडारी गोलू मंदिर, ढनौलासेरा (तोक कोनारवे) में पारंपरिक पशुबलि की अनुमति और वैध पशुबधशाला के निर्माण की मांग को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। ग्राम प्रधान प्रमोद सिंह के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि वे हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए ही अपनी धार्मिक परंपरा का निर्वहन करना चाहते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि नाघर माजिला, कूनाखेत तोक, मंतोली, ढनौलासेरा, गहतड़ी और समरू गांवों के लोगों की भंडारी गोलू मंदिर में वर्षों पुरानी आस्था है। पूर्वजों के समय से यहां पशुबलि की परंपरा चली आ रही थी, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह बंद हो गई।
ग्रामीणों ने मांग की कि न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मंदिर परिसर में वैध पशुबधशाला का निर्माण कराया जाए और नियमानुसार पशुबलि की अनुमति दी जाए, ताकि धार्मिक परंपराओं का पालन कानून के दायरे में रहकर किया जा सके।
गढ़वाली कुमाउनी वार्ता
समूह संपादक