बाघ के महिला को निवाला बनाने के बाद 10फीसदी बच्चे ही पहुंचे स्कूल,बाघ के डर से नही आये स्कूली बच्चे स्कूल।
बाघ के हमले में महिला की मौत के बाद, आज रामनगर के राजकीय इंटर कॉलेज ढेला में बाघ से भयभीत हुए 10 प्रतिशत बच्चे ही पहुंचे स्कूल।
स्कूली बच्चों ने वन विभाग से उनको स्कूल लाने व छोड़ने के लिए अपील की है।
बता दें कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला ढेला रेंज के अंतर्गत सांवल्दे पूर्वी बीट में कल बाघ द्वारा एक महिला पर हमला बोलकर उसे मौत के घाट उतार दिया।बता दें कि रामनगर के ग्राम कारगिल पटरानी निवासी 32 वर्षीय अनीता देवी गांव की ही दो अन्य महिलाओं के साथ कल दोपहर जंगल में लकड़ी बिनने के लिए गई थी, इसी बीच जंगल में बाघ ने अनीता पर हमला बोल दिया और उसे जंगल में घसीटता हुआ ले गया साथ में मौजूद महिलाओं द्वारा शोर मचाने के साथ ही घटना की परिजनों एवं ग्रामीणों के साथ ही विभाग को दी गई, इसके बाद मौके पर सर्च अभियान चलाते हुए कुछ घंटों में महिला को खोजा था,जिसमे महिला की मौत हो गयी थी।वही गांव के आसपास बाघ की दस्तक को लेकर डर का माहौल बना हुआ है।वही बाघ की दहशत से आज पटरानी व आसपास के क्षेत्र से ढेला राजकीय इंटर कॉलेज में इस क्षेत्र से पढ़ने के लिए आने वाले स्कूली बच्चे स्कूल नहीं पहुंचे,उनके परिजनों ने उन्हें बाघ के हमले की डर की वजह से स्कूल नहीं भेजा,वही आज राजकीय इंटर कॉलेज ढेला में केवल 10% बच्चे ही विद्यालय पहुंचे।
वही स्कूल आए बच्चों ने वन विभाग से उनको स्कूल लाने और छोड़ने की लेकर अपील की है।
वही स्कूल के प्रधानाचार्य नवेंदु मठपाल ने कहा कि आज स्कूल में केवल 10% बच्चे ही स्कूल पहुंचे है,बाकी बाघ के डर की वजह से स्कूल नही आये, उन्होंने कहा कि पूर्व में भी इस क्षेत्र में एक घटना हुई थी,जिसके बाद से वन विभाग ने लगातार 10 दिनों तक बच्चों को सुरक्षा के बीच लाने व छोड़ने का जिम्मेदारी निभाई थी, उन्होंने कहा कि वह वन विभाग से अपील करते हैं कि बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इनकी गारंटी वन विभाग ले और उनको जब तक बाघ की मोमेंट क्षेत्र में है तब तक आने जाने के लिय वनकर्मियों को तैनात किया जाय।
गढ़वाली कुमाउनी वार्ता
समूह संपादक