कुमाऊँ न्यूज़ -: एक गलती की वजह से, ज्योति अधिकारी को उठा ले गई पुलिस, 14 दिन के लिए भेजा जेल…..

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उत्तराखंड में इस समय अंकिता भंडारी केस पर बवाल मचा हुआ था हर कोई पहाड़ी क्षेत्र की बेटी को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर आ गई है. माता-पिता के साथ-साथ कई लोग अंकिता के लिए न्याय की गुहार लगा रहे हैं. अब इस मामले में एक बला की खूबसूरत महिला की एंट्री हुई है. ये कोई नहीं बल्कि हल्द्वानी की सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर ज्योति अधिकारी हैं. गोरी, लंबी और तेज तर्रार दिखने वाली इस महिला को लेकर एक अलग विवाद छिड़ गया है. यहां तक कि पुलिस को अपने साथ जेल तक ले जाना पड़ा. आइए जानते हैं सबकुछ..

हत्याकांड प्रकरण की होगी सीबीआई जांच

दरअसल, ज्योति अधिकारी अंकिता भंडारी केस को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान पहुंची थी. इसमें उन्होंने खुलेआम दरांती लहराई थी. पहाड़ी महिलाओं को नाचने वाली कहा था. इतना ही नहीं, लोक देवताओं के अस्तित्व पर सवाल खड़े किए थे. इसकी वीडियो खुद उनके इंस्टाग्राम पर भी शेयर की गई है. इसमें वह गाली-गलौज भी करती दिख रही हैं.
बस फिर क्या था. जैसे ही वीडियो वायरल हुआ उत्तराखंड की संस्कृति, देवी-देवताओं और कुमाऊं की महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करना सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को भारी पड़ गया. बुधवार दिन भर मुखानी थाने में उनसे पूछताछ हुई. इसके बाद सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले में दर्ज केस कर लिया गया. पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. उन्हें देर रात कोर्ट में पेश किया गया. वहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में तो भेज दिया गया है.
ज्योति अधिकारी सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर है. वह सोशल मीडिया पर कई प्रकार के वीडियो अपलोड करती हैं. डांस वीडियो मूल रूप से अपलोड करती हैं. कभी-कभी कुछ सोशल मुद्दों पर भी वह कमेंट करती दिखती हैं. पिछले दिनों अंकिता भंडारी केस को लेकर उन्होंने लगातार वीडियो बनाए. इस दौरान एक सभा में वह दरांती लेकर पहुंच गई. सभा के दौरान उन्होंने कहा था कि कुमाऊं की महिलाओं का काम केवल नाचने का रह गया है.
ज्योति ने कुमाऊं के लोक देवता को भी फर्जी करार दिया. उन्होंने कहा था कि कुमाऊं के देवता जूते चप्पल पहन के आ जाते हैं. इन बयानों को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला के तौर पर देखा जा रहा है. लोगों का गुस्सा भड़क गया है.सभा के दौरान ज्योति अधिकारी ने सिर्फ अपशब्द ही नहीं बल्कि खुलेआम दरांती भी लहराई थी. उन्होंने कहा था कि यह दरांती न्याय करेगी. अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में उन्होंने सीधे तौर पर सड़क पर इंसाफ की बात कही. इसको हथियार के साथ धमकी के तौर पर लिया गया. ज्योति को बुधवार की रात करीब 11 बजे रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया. वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया.

इतना ही नहीं, अब ज्योति अधिकारी की मुश्किलें और बढ़ती जा रही हैं. उनके खिलाफ आज यानी शुक्रवार को रुद्रपुर कोतवाली में भी एक एफआईआर दर्ज हुई है. किच्छा निवासी महिला ममता त्रिपाठी ने धार्मिक भावनाएं भड़काने की शिकायत दी
इधर, ज्योति के वकीलों ने शुक्रवार को हल्द्वानी के ACJM कोर्ट में जमानत याचिका लगाई है. अब देखना होगा कि वह कब तक जेल की सलाखों से निकल पाएंगी. ज्योति पहले भी विवादित बयानों के कारण चर्चा में आ चुकी हैं. इस बार उनका एक्शन भारी पड़ गया.
ज्योति अधिकारी ने वर्ष 2021 में सोशल मीडिया पर अपना प्रोफाइल बनाया. फेसबुक और यूट्यूब पर ऐसे सोशल नेटवर्किंग साइट पर तेजी से आगे बढ़ीं. उन्होंने चर्चा में आने के लिए अपशब्दों का भी खूब इस्तेमाल किया. माना जा है कि उनका ताजा बयान और हथियार लहराना भी एक प्रकार का पब्लिसिटी स्टंट था.

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