प्राचीन कोट भ्रामरी मंदिर झालामाली के पास मिला प्राचीन शिवलिंग
शिवरात्रि की पूर्व संध्या पर शिवलिंग मिलने पर कत्यूर घाटी के ग्रामीणों ने जताई खुशी
गरुड़ मैं महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर प्राचीन कोट भ्रामरी मंदिर झालामाली (मेलाडुंगरी) की महिलाओं को गांव में मिट्टी में दवा एक प्राचीन शिवलिंग मिला। ग्रामीणों ने शिवलिंग की स्थापना शिवरात्रि के दिन झालामाली गांव में धार्मिक अनुष्ठान के साथ करने का निर्णय लिया है।
मेलाडुंगरी की ग्राम प्रधान कौशल्या भंडारी ने बताया कि गांव की महिलाएं बृहस्पतिवार को प्राचीन कोट भ्रामरी मंदिर झालामाली के पास पत्थर एकत्र करने गईं थीं। उन्हें वहां मिट्टी में दबा शिवलिंग मिला। शिवलिंग मिलने की सूचना क्षेत्र में फैल गई। शिवलिंग देखने मेलाडुंगरी गांव में लोगों का जमवड़ा लग गया। शिवरात्रि की पूर्व संध्या पर शिवलिंग मिलने पर कत्यूर घाटी के
धार्मिक अनुष्ठान के साथ झालामाली गांव में आज होगी शिवलिंग की स्थापना
अभी इसकी सूचना नहीं मिली है। फोटो के आधार पर इसका शिवलिंग अलग-अलग दिख रहा है। योनीपीठ अष्टकोणीय है जबकि शिवलिंग गोल है। यह 12वीं से 14वीं शताब्दी का हो सकता है। यदि विभाग को सूचना दी जाती है तो निरीक्षण किया जाएगा।
शिवलिंग मिलने की सूचना मिलते ही ग्राम प्रधान कौशल्या देवी, पूर्व ग्राम प्रधान बलवंत सिंह भंडारी मौके पर गए। ग्रामीणों ने शिवलिंग की स्थापना शिवरात्रि के दिन झालामाली गांव में धार्मिक अनुष्ठान के साथ करने का निर्णय लिया है।
गढ़वाली कुमाउनी वार्ता
समूह संपादक