बागेश्वर में चार कमरों का मकान मलबे में दबा, दो मवेशियों की मौत, नरसिंह मंदिर जमींदोज
उत्तराखंड में भारी बारिश से चारों ओर हाहाकार मचा हुआ है. बागेश्वर में बारिश के कारण काफी नुकसान हुआ है. यहां बड़ी पन्याली इलाके में पहाड़ी से गिरे मलबे की चपेट में मकान आ गया है. इसके अलावा प्राचीन नरसिंह मंदिर भी जमींदोज हो गया.
विधानसभा क्षेत्र कपकोट में हो रही लगातार भारी बारिश व अतिवृष्टि से दुगनाकुरी क्षेत्र के बैकोडी में बादल फटने व भारी भूस्खलन से क्षत्रिग्रस्त आवासीय मकानों, श्री नर्सिंग बूबू मंदिर, मोटर मार्ग, पेयजल लाइन व विभिन्न आपदा ग्रस्त स्थानों का स्थलीय निरीक्षण कर आपदा से हुए नुक़सान का ज़ायजा लिया।

कपकोट विधायक सुरेश गढ़िया ने आपदा ग्रस्त क्षेत्रों के स्थलीय निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को भारी वर्षा व भूस्खलन से क्षेत्र में हुई क्षति व नुकसान के तत्काल आगणन तैयार करने के निर्देश दिए। इस दौरान 2 पीड़ित परिवारों को 2 लाख 26 हजार रुपये (जिनके पूर्ण रूप से मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे) व 4 पीड़ित परिवारों को 26 हजार रुपये (जिनके आंशिक रूप से मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे) की आर्थिक सहायता प्रदान की साथ ही पीड़ित परिवारों को दैनिक उपयोग के राहत सामग्री वितरित किया।

समस्त क्षेत्रवासियों के निवेदन है कि आपदा के इस कठिन समय में संयम से कार्य करें एवं अनावश्यक रूप से आवाजाही से बचे। सभी नदी और नाले उफान पर हैं,पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन हो रहा है। मैं सभी कपकोट वासियों से अपील करता हूं कृपया नदी नालों के आसपास जाने से बचें। किसी भी आपदा की स्थिति में आमजन की सुरक्षा, बचाव और राहत के लिए सभी प्रबंध करने और आपदा प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में भारी बारिश ने तबाही मचा रखी है. भारी बारिश के कारण कपकोट के बड़ी पन्याली में पहाड़ी दरक गई. पहाड़ी से गिरे मलबे में चार कमरों का मकान दब गया. इस हादसे में एक गाय और बछड़े की मौत हो गई. पहाड़ी दरकने की आवाज सुनकर मकान में मौजूद परिवार के लोगों ने अन्य जगह जाकर अपनी जान बचाई. वही गांव में दो अन्य मकान ध्वस्त हुए है. इसके अलावा बैकोड़ी में नरसिंह मंदिर भी जमींदोज हो गया.
मलबे में दबा मकान: आपदा विभाग बागेश्वर से मिली जानकारी के अनुसार आज 26 जुलाई शनिवार सुबह तेज बारिश ने बड़ी पन्याली के थाड़थाना तोक में पहाड़ी दरक गई. मलबा उमेद सिंह पुत्र केदार सिंह के मकान को बहा ले गया. मकान के मलबे में जेवर, कपड़े और नकदी के साथ ही घर का सारा सामान दब गया. मलबे के साथ बहे मकान में दो कमरे बने थे, जिसमें दंपती रहते थे. उनका एक बेटा है, जो बाहर नौकरी करता है. दो कमरे निर्माणाधीन थे.
सैकड़ों नाली कृषि योग्य भूमि बही: वहीं, बड़ी पन्याली के उडेनाइजर तोक की पार्वती देवी पत्नी रतन सिंह, शेर सिंह पुत्र धीम का मकान भी ध्वस्त हो गया. सूचना मिलने पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आपदा प्रबंधन, राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर मलबे में दबे जानवर और अन्य सामान की खोजबीन की. गांव में सैकड़ों नाली कृषि योग्य भूमि बह गई है.
इस दौरान विधायक प्रतिनिधि योगेश हरडिया मंडल अध्यक्ष बहादुर खाती ग्राम प्रधान पंकज मेहता बलवंत सिंह , प्रधान उडियार विक्रम खाती प्रधान सुरकाली गांव त्रिलोक राम जी, विनोद शाह, ग्राम प्रधान सुंदर बाफिला जी सहित विभागीय अधिकारी व सम्मानित जनता उपस्थित रहे….
गढ़वाली कुमाउनी वार्ता
समूह संपादक