बड़ी खबर -: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बड़ा फैसला, अंकिता भंडारी मामले की होगी सीबीआई जांच ….

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Ankita Murder Case: विरोध के बीच सीएम धामी ने की मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति, अब केंद्र लेगी फैसला

Uttarakhand News: तीन साल पहले वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या का मामला सामने आया था। हत्याकांड में शुरू से ही वीआईपी के नाम को लेकर लोग सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे। वहीं, बीते दिनों वायरल ऑडियो वीडियो प्रकरण के बाद यह मांग और तेज हो गई थी। अब सीएम ने इस मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी है।
भारी विरोध के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी के माता–पिता से बातचीत के बाद अब बड़ा फैसला लिया है। सीएम धामी ने अंकिता हत्याकांड प्रकरण की सीबीआई जांच कराए जाने की संस्तुति कर दी है। इस पर अब केंद्र सरकार फैसला लेगी।

सीएम धामी ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी विलंब के पूर्ण संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया गया। प्रकरण से जुड़े सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया और राज्य सरकार की ओर से प्रभावी और सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई। आरोपी सलाखों के पीछे हैं। सरकार की अंकिता के परिवार के साथ पूरी संवेदना है।

प्रकाशनार्थ

सीबीआई जांच का आदेश देवभूमि की जनता की जीत — गणेश गोदियाल

अंकिता भंडारी हत्याकांड में सिटिंग जज की निगरानी में जांच हो, तभी सामने आएगी सच्चाई- गोदियाल

देहरादून।
उत्तराखंड राज्य सरकार द्वारा अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच के आदेश को उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने नाकाफी करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह देवभूमि की जागरूक जनता की जीत तो है, लेकिन यह जीत अधूरी है।

गोदियाल ने कहा कि केंद्र में भी भाजपा की सरकार है और राज्य में भी भाजपा की सरकार है। ऐसे में सीबीआई की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। जिन लोगों पर गंभीर आरोप लग रहे हैं, वे रसूखदार पदों पर बैठे हैं और सत्ता रूढ़ दल से जुड़े हैं। ऐसे में केवल सीबीआई जांच का आदेश देना जनता की आशंकाओं को दूर नहीं करता।

उन्होंने कहा कि यह मामला इतना संवेदनशील और गंभीर है कि इसकी जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में होनी चाहिए थी, तभी सच्चाई सामने आ सकती है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सीबीआई जांच के आदेश देकर धामी सरकार ने यह स्वीकार कर लिया है कि अतीत में उनसे बहुत बड़ी चूक हुई है। यह अच्छी बात है कि सरकार ने अपनी त्रुटि सुधारने का प्रयास किया, लेकिन यह प्रयास अभी नाकाफी है।

गोदियाल ने स्पष्ट कहा कि जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी का खुलासा नहीं हो जाता, जब तक बुलडोजर चलाने वाले अधिकारियों के नाम सामने नहीं आते और उन्हें सजा नहीं मिलती, तब तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता आज भी कई अनसुलझे सवालों के जवाब चाहती है। सरकार को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि सीबीआई जांच पूरी तरह टाइम-बाउंड हो, ताकि न्याय में देरी न हो और दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले।

उत्तराखंड कांग्रेस देवभूमि की बेटी अंकिता को न्याय दिलाने के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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